Question and Answer

Class 10 – काव्य : आत्मकथ्य -जयशंकर प्रसाद

By |2016-11-21T04:37:58+00:00July 11th, 2012|Question and Answer|

आत्मकथ्य -जयशंकर प्रसाद कवि जयशंकर प्रसाद ने ‘आत्मकथा’ लिखने का आग्रह स्वीकार नहीं किया। लेकिन ‘आत्मकथ्य’ कविता में उन्होंने कुछ विशिष्ट कारण बताते हुए आत्मकथा न लिख पाने की विवशता बताई है। वह अपनी बातो से किसी भी व्यक्ति को दुखी नहीं करना चाहते और कवि स्वयं अपने जीवन को इतना महत्वपूर्ण नही मानता कि [...]

Class 10 – काव्य : उत्साह -सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’

By |2016-11-21T04:37:58+00:00July 11th, 2012|Question and Answer|

उत्साह -सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ बादल प्रकृति का अद्भूत सौंदर्य है जो सब जगह खुशी फैला देता। जब बादल छाते है तो मयूर नाचने लगते और मनमयूर भी नाचने लगते है। यह विभिन्न कार्यों से आवाहन कराते है। कवि सूर्यकांत त्रिपाठी प्रार्थना करते है कि बादल गरजो और भयानक आवाज से गरजना करो। चारो ओर से [...]

Class 10 – काव्य : अट नहीं रही है -सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’

By |2016-11-21T04:38:02+00:00July 11th, 2012|Question and Answer|

अट नहीं रही है -सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ इस कविता में कवि ने ऋतु वसंत के सौंदर्य का मार्मिक चित्रण किया है। ऋतुराज वसंत सौंदर्य इस कदर भिखरा हुआ है कि सृष्टि उसे समेट नहीं पा रही (अट नहीं रही है) यह सुंदर माहौल, मनमोहक सौंदर्य प्रकृति में समा नहीं रहा। फागुन का जो प्रकृति का [...]

Class 10 – काव्य : यह दंतुरित मुस्कान -नागार्जन

By |2016-11-21T04:38:03+00:00July 11th, 2012|Question and Answer|

यह दंतुरित मुस्कान -नागार्जन इस कविता में कवि नागार्जुन ने बच्चे की मुस्कान के सौंदर्य के बारे में बताया है। दुंतुरित (दांत वाली मुस्कान)। तुम्हारी यह प्यारी मुस्कराहट इतनी प्यारी है कि मृतक में भी जान डाल दे। तुम्हारा यह धूल से भरा शरीर (खेलने के उपरांत बच्चे की दशा) ऐसी प्रतीत होता है कि [...]

Class 10 – काव्य : कन्यादान -ऋतुराज

By |2016-11-21T04:38:03+00:00July 11th, 2012|Question and Answer|

कन्यादान -ऋतुराज ‘कन्यादान’ कविता द्वारा कवि ऋतुराज ने माँ के संचित अनुभवों की पीड़ा की प्रमाणिक अभिव्यक्ति की है। इस कविता में संवेदनशीलता का भाव भी व्यक्त हुआ। बेटी को विदा करते समय माँ को दुख होता है और उसे किसी और को सौंप कर ऐसा लगता है जैसे कि अपनी अंतिम पूंजी गवा दी [...]

Class 10 – काव्य : संगतकार -मंगलेश डबराल

By |2016-11-21T04:38:03+00:00July 11th, 2012|Question and Answer|

संगतकार -मंगलेश डबराल इस कविता में कवि मंगलेश डबराल ने गायन में मुख्य गायक का साथ देने वाले संगतकार की भूमिका के महत्व को प्रदर्शित किया है। इन व्यक्तियों (सहायकों) के बिना कोई भी कार्य पूर्णता से सम्पन्न नहीं हो सकता। इन कलाकारों का विशेष महत्व होता है। इनके बिना कार्य की सफलता अविश्वसनीय है। [...]

Class 10 – काव्य : छाया मत छूना -गिरिजाकुमार माथुर

By |2016-11-21T04:38:03+00:00July 11th, 2012|Question and Answer|

छाया मत छूना -गिरिजाकुमार माथुर निराश होने पर मनुष्य सुखद समय को भी महसूस नहीं कर पाता और समय निकल जाने पर कोई लाभ नहीं होता। अतः कवि ने आह्वान किया है कि मनुष्य को अतीत से चिपकना नहीं चाहिए। वर्तमान में परिस्थितियों का सामना करना चाहिए और भविष्य की तरफ ध्यान देना चाहिए। तभी [...]

Class 10 – काव्य : फसल -नागार्जन

By |2016-11-21T04:38:03+00:00July 11th, 2012|Question and Answer|

फसल -नागार्जन इस कविता में कवि नागार्जुन फसल के बारे में बताया है, उसे पैदा करने कि लिए जो तत्व योगदान देते है। कवि कहते है कि एक नहीं बल्कि बहुत सी नदियों का पानी चाहिए एक फसल में। पानी के सहारे फसल उगती है और यदि पानी न लगे तो फसल होने सम्भव नहीं [...]

Class 10 – क्षितिज : पाठ-2 : बालगोबिन भगत

By |2016-11-21T04:38:03+00:00July 11th, 2012|Question and Answer|

पाठ-2 बालगोबिन भगत प्रश्न 1: खेतीबारी से जुड़े गृहस्थ बालगोबिन भगत अपनी किन चारित्रिक विशेषताओं के कारण साधु कहलाते थे? उत्तर: खेतीबारी से जुडे़ गृहस्थ बालगोबिन भगत अपनी निम्न चारित्रिक विशेषताओं के कारण साधु कहलाते थे- 1. वह किसी का सहारा नहीं लेते थे और स्वयं ही अपना सारा कार्य करते थे। अपने बेटे की [...]

Class 10 Lesson 2

By |2016-11-21T04:38:04+00:00June 25th, 2012|Question and Answer|

पाठ-2 जार्ज पंचम की नाक प्रश्न 1.: सरकारी तंत्र में जार्ज पंचम की नाक लगाने को लेकर जो चिंता या बदहवासी दिखाई देती है वह उनकी किस मानसिकता को दर्शाती है। उत्तर: सरकारी तंत्र में जार्ज पंचम की नाक लगाने को लेकर जो चिंता या बदहवासी दिखाई देती है वह उनकी निम्न रूपो को दर्शाती [...]

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