उत्प्रेक्षा अलंकार के उदाहरण….
१ नील परिधान बीच सुकुमारि ,
खुल रहा मृदुल अध् खुला अंग
खिला हो ज्यों बिजली का फूल
मेघ बन बीच गुलाबी रंग |

२ ले चला साथ मैं तुझे कनक ,
ज्यों भिक्षुक लेकर स्वर्ण झनक |

३ कांपा कोमलता पर सस्वर ,
ज्यों मालकोश नव वीणा पर |

४ कहती हुई यों उत्तर के नेत्र जल से भर गए ,
हिम के कणों से पूर्ण मानो हो गए पंकज नए|

५ उस काल मारे कोध के तन काँपने उन का लगा ,
मानो हवा के जोर से सोता हुआ सागर जगा |