१ मधुर -मधुर मेरे दीपक जल |

२ फेरि फेरि बर्षा की ऋतू आई फेरि |

३ जोड़ कर कण-कण कृपण आकाश ने तारे सजाए |

४ राम -राम कही बारम्बारा ,
चक्र सुदर्शन है रखवारा |

५ पुनि -पुनि कहत कौन है माता को है तेरो तात |