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Hindi Blog 2016-11-21T04:37:45+00:00
1604, 2011

अर्जुन की पत्नियाँ

April 16th, 2011|

द्रोपदी और युधिष्ठिर का पुत्र ---प्रतिविन्ध्य था | द्रोपदी और भीम का पुत्र ----सुतसोम था| द्रोपदी और अर्जुन का पुत्र ---श्रुतिकीर्ति था | द्रोपदी और नकुल का पुत्र ----शतानीक था | द्रोपदी और सहदेव का [...]

1604, 2011

कर्ण का परिवार

April 16th, 2011|Tags: , , , , , , , , , , , |

कर्ण के घोड़े का नाम .... वायुजित था और रथ का नाम जैत्र रथ था अर्जुन का रथ नंदी घोष था .जिसे कृष्ण ने चलाया था कृष्ण के रथ का नाम था ...गरुनाध्वज. भीष्म के [...]

1604, 2011

प्रसिद्ध शंख

April 16th, 2011|Tags: , , , , , , , , , , , , |

कृष्ण के रथ का नाम था ...गरुनाध्वज. भीष्म के रथ का नाम था ...गंगोध . भीष्म के शंख का नाम ...गंगनाभ था अर्जुन के शंख का नाम ...देवदत्त  था कृष्ण के शंख का नाम ...पंचजन्य [...]

1604, 2011

पाण्डव और उनकी पत्नियाँ

April 16th, 2011|Tags: , , , , , , , , , , |

पाण्डव और उनकी पत्नियाँ _ युधिष्दिर की पत्नी द्रोपदी से प्रतिविन्ध्य पुत्र था | दूसरी पत्नी पौरवी थी |उनका पुत्र देवक था | भीम और द्रोपदी का पुत्र सुतसोम था | भीम और हिडिम्बा का [...]

1003, 2011

लोक लाहु परलोक निबाहू

March 10th, 2011|

महान कवि ,भक्त ,समाज सुधारक गोस्वामी तुलसीदास की रचना "राम चरित मानस "के पढ़ने और सुनने से ही व्यक्ति उन भावनाओं के सागर में बहने लगता है जहाँ हर रस ,हर भावः ,हर संवेदना अपने [...]

1003, 2011

मिलही न जगत सहोदर भ्राता

March 10th, 2011|

जीवन में स्मृतियों का जितना महत्व होता है उतना ही बचपन में घटित घटनाओं का ,जो हमें याद तो नही होती लेकिन माता -पिता और पारिवारिक जनों से इतनी सूनी होती हैं की वे अनुभूतियाँ [...]

1003, 2011

जब तुम थीं ……

March 10th, 2011|

जब तुम थीं तब लगता था सारा संसार खुशियों ,उमंगों से भरा था कहीं कोई कमी न थी हर तरफ प्यार ही प्यार ,सब हमारे थे कोई पराया न था लगता था सब जाने -पहचाने [...]

903, 2011

नियति

March 9th, 2011|

मैं नियति हूँ आप मुझे जानकर भी नही जानते इसलिए अपना परिचय देना आवश्यक है यथार्थ यह है कि कुछ को हम जानने के इच्छुक रहते हैं और किसी को जानकर भी नही जानना चाहते [...]

303, 2011

गर्व से हिंदी बोलो

March 3rd, 2011|

गर्व से हिंदी बोलो गर्व से हिंदी बोलो हम सब भारतीय है |हमें अपनी भाषा पर नाज है |हिन्दी साहित्य का भंडार अपार है |संसार का सर्वश्रेष्ठ साहित्य है |सुर कबीर ,तुलसी ,मीराबाई ,रैदास .चैतन्य [...]

2606, 2010

कैसे सीखूं

June 26th, 2010|

जब भी कंप्यूटर सीखने की कोशिश करती हूँ कुछ न कुछ गडबड हो जाती ही और सारा प्लान धरा का धरा रह जाता है मेरी तो कुछ समझ में ही नही आता कि क्या करूं [...]

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