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Hindi Blog 2016-11-21T04:37:45+00:00
2607, 2011

सखा

July 26th, 2011|

सखा ---------------- हे ! सखा , जीव कितना अकेला , कितना असहाय ,कितना असमर्थ होता है ......इस संसार में ,आज ये ज्ञान भी मुझे हों गया | अन्यथा क्या ये पांचाल देश की राज कुमारी [...]

2207, 2011

कृष्ण और उनकी पत्नियाँ

July 22nd, 2011|Tags: , , , , , , , , , , , , , |

कृष्ण और उनकी पत्नियाँ _ कृष्ण की प्रथम पत्नी थी रुक्मिणी |उनका अपहरण करके विवाह किया था |यह अपहरण रुक्मिणी के कहने पर ही हुआ था | रुक्मिणी ;राजा भीष्मक और शुध्दम्बी की कन्या थी [...]

1607, 2011

पहला मेकअप

July 16th, 2011|

पहला मेकअप गरमियों की छुट्टियाँ थी |मेरी ननद सपरिवार आयीं हुई थी |एक दिन पुरानी यादें ताजा करने के लिए शादी की एलबम निकाल ली |सभी तारीफ करने लगे -कितनी अच्छी लग रही हो तुम [...]

1607, 2011

कबीर का ईश्वर

July 16th, 2011|

कबीर निर्गुण ब्रह्म को मानने वाले ज्ञान मार्गी शाखा के भक्त कवि थे | वे राम को अपना आराध्य मानते थे | उनके राम दशरथ पुत्र राम नही थे | उन्होंने कहा --- "दशरथ सुत [...]

1607, 2011

कबीर {जीवन परिचय }

July 16th, 2011|

कबीर का जन्म वाराणसी  {उत्तर प्रदेश } के पास लहरतारा नामक स्थान मेंसन १३९८ में हुआ था | कहा जाता है वे एक विधवा ब्राह्मणी के पुत्र थे | लोक लाज के भय से उसने [...]

1607, 2011

कबीर की गुरु और साधु के बारे में विचार

July 16th, 2011|

कबीर ने गुरु को विशेष महत्व दिया है उन्होंने कहा है------ "गुरु -गोविन्द दोऊ खड़े काके लागूं पायं  , बलिहारी गुरु आपकी गोविन्द दियो बताय || गुरु ही गोविन्द को जानने और प्राप्त करने का [...]

1607, 2011

कबीर –एक समाज सुधारक

July 16th, 2011|

एक ऐसे संत ,भक्त, समाज सुधारक , फकीर थे कि आज तक न ऐसा कोई हुआ न शायद होगा | भक्त की बात कीजिए तो ऐसा कोई भक्त नही हुआ जो कह सके "मैं तो [...]

1607, 2011

कलम

July 16th, 2011|

कलम ------ कलम देश की बड़ी शक्ति है भाव जगाने , दिल की नहीं दिमागों में भी आग लगाने वाली | पैदा करती कलम विचारों के जलते अंगारे , और प्रज्वलित प्राण देश क्या कभी [...]

1607, 2011

संत और असंतों की पहचान

July 16th, 2011|

संत और असंतों की पहचान ----- १  संत असंतन की अस करनी | जिमि कुठार चन्दन आचरणी || {संत और असंतों में वही अंतर है जो कुल्हाड़ी और चन्दन में है |कुल्हाड़ी चन्दन के वृक्ष [...]

1607, 2011

उत्तर कांड ….उत्तम कांड

July 16th, 2011|

उत्तर कांड  {राम चरित मानस } राम चरित मानस का बखान करना ईश्वर की तरह अनन्त है |यह वह ग्रन्थ है जिस में शिक्षित, साक्षर ,निरक्षर डूब -डूब जाते हैं | भक्ति की दृष्टि से [...]

507, 2011

तराजू

July 5th, 2011|

तराजू --------- जब भी मैं तराजू की कांपती डंडी को कभी इधर तो कभी उधर झुक कर संतुलन बनाते देखती हूँ तो मुझे हर उस नारी की याद आ जाती है जो अपना सम्पूर्ण जीवन [...]

2206, 2011

अंतिम शब्द

June 22nd, 2011|

अन्तिम शब्द महा पुरुषों के अन्तिम शब्द आप्त वचनों की तरह याद किए जाते हैं | यद्यपि कोई व्यक्ति यह सोच कर नहीं बोलता कि ये उसके अन्तिम शब्द होंगे | अन्तिम शब्द कभी जीवन [...]

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