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Hindi Blog 2016-11-21T04:37:45+00:00
3004, 2015

आस्था के रंग

April 30th, 2015|

बात उन दिनों की है जब मेरे पति अस्पताल में थे |बहुत बीमार थे | उन्हें हार्ट अटैक पड़ा था | ऑपरेशन के बाद आई .सी .यु में थे |डा. कुछ जवाब नही दे रहें [...]

2507, 2014

हम अकेले नहीं

July 25th, 2014|

जब भी ये दिल उदास होता है ,जाने कौन आस पास होता है क्या आपको ऐसा नहीं लगता है जैसे ईश्वर परीछा ले रहा है हमारी हिम्मत की, हमारे धैर्य की, हमारे निर्णय लेने की, [...]

2912, 2012

दामिनी का बलिदान

December 29th, 2012|

दामिनी की दमक कभी व्यर्थ नहीं जाती | वह अपनी लपलपाती चमक से सबको चमत्कृत कर ही जाती है | कभी किसी इमारत पर गिरती है तो वह ध्वस्त हो जाती है ,कभी किसी हरे [...]

3105, 2012

लोक गीत

May 31st, 2012|

लोक गीत क्रत्रिमता और आडम्बर से दूर जन -मानस के नैसर्गिक उद्गार ही लोक गीत हैं | लोक गीतों में प्राकृतिक संगीत का इतिहास व्याप्त रहता है | यह जीवंत काव्य है |शिक्षित तथा सभ्य [...]

3105, 2012

महाभारत युद्ध के १८ दिन

May 31st, 2012|

महाभारत युद्ध के प्रथम दिवस -विराट पुत्र -उत्तर और श्वेत का वध हुआ था | प्रथम दिवस ध्रष्टद्युम्न ने क्रोचारुण व्यूह की रचना की थी | पहले ९ दिन कौरवो की सेना के सेना नायक [...]

601, 2012

इंतजार

January 6th, 2012|

उमंगें ,इच्छाएं ,जिज्ञासाएँ सिर उठाने लगी कल्पनाओं में विचरण ,मैं करने लगी | कामनाएँ यूँ बलवती होने लगी आकाश में बदली ज्यूँ  घिरने लगी | हाथ स्वत: ही खुलने लगे कुछ लेने को बाँहे तरसने [...]

601, 2012

नव वर्ष पर

January 6th, 2012|

नव वर्ष पर सबको मेरी ढेरों शुभ कामनाएँ |आप सब कहेंगे इतनी देर में क्यों ? नव वर्ष के आगमन ने व्यस्त रखा . मेल -मिलाप ने मस्त रखा .आलस ने सुस्त रखा .....मुख्य कारण [...]

1812, 2011

तराजू

December 18th, 2011|

तराजू --------- जब भी मैं तराजू की कांपती डंडी को कभी इधर तो कभी उधर झुक कर संतुलन बनाते देखती हूँ तो मुझे हर उस नारी की याद आ जाती है जो अपना सम्पूर्ण जीवन  [...]

1812, 2011

रावण …एक दृष्टि में

December 18th, 2011|

ब्रह्मा के पुत्र पुलस्त्य जी थे |वे मेरु पर्वत पर तप करने गए |वहाँ त्रणविन्दु के आश्रम में वे रहने लगे | वहाँ देव कन्याएँ ऋषि कन्याएँ जल क्रीडा किया करती थी | पुलस्त्य जी [...]

1511, 2011

द्रोणाचार्य

November 15th, 2011|

द्रोणाचार्य टेस्ट ट्यूब बेबी थे |उस युग में टेस्ट ट्यूब का काम घड़ा करता था |यग्य कलश से जन्म होने के कारण उनका नाम द्रोण पड़ गया |घृताची नामक अप्सरा में ऋषि भरद्वाज की आसक्ति [...]

2707, 2011

दादा -दादी के किस्से

July 27th, 2011|

दादा -दादी के किस्से दादा -दादी के किस्से कितने रोचक और मन भावन होते थे कि आज भी उन्हें याद करके रोमांचित हो उठते हैं | सुनहरी ,रुपहली परियों की रहस्य से भारी कहानियाँ तो [...]

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