पाठ-3

लखनवी अंदाज

प्रश्न 1: लेखक को नवाब साहब के किन हाव-भावों से महसूस हुआ कि वे उनसे बातचीत करने के लिए भी उत्सुक नहीं है?

उत्तर: लेखक का नवाब साहब को देखने पर भी अनदेखा कर देने से यह महसूस हुआ कि वह उनसे बात चीत करने में उत्सुक नहीं है। क्योंकि नवाब साहब ने संगति के लिए उत्साह नहीं दिखाया। इसलिए लेखक ने भी उनके सामने की बर्थ पर बैठकर आत्मसम्मान में आंखे चुराली।

प्रश्न 2: नवाब साहब ने बहुत ही यत्न से खीरा काटा, नमक-मिर्च बुरका, अंततः सुँघकर ही खिड़की से बाहर फेंक दिया। उन्होंने ऐसा क्यों किया होगा? उनका ऐसा करना उनके कैसे स्वभाव को इंगित करता है?

उत्तर:

1. नवाब साहब का खीरा काटकर, नमक-मिर्च लगाकर, सूंघकर फैंकना यही दर्शाता है कि नवाबों का आम लागों के साथ सामाजिक स्तर निम्न हो रहा है जिससे वह अपनी इन प्रतिक्रियाओं (खीरे की प्रतिक्रिया) से ढकना चाह रहे थे।

2. उनमें पुराने नवाबों, पुरानी शान-शौकत और बाह्य आडंबरो की आदत हाती थी। वह आज भी जस की तस है जबकि आज स्थिति बद से बदतर हो गई है। परंतु अब भी नवाबी अकड़ स्वभाव स्थिर है।

प्रश्न 3: बिना विचार, घटना और पात्रों के भी क्या कहानी लिची जा सकती है। यशपाल के इस विचार से आप कहाँ तक सहमत हैं?

उत्तर: नही कहानियों पर लेखक ने यथार्थ व्यंग्य करते हुए इस रचना को सकार रूप दिया है क्योंकि नयी कहानियों में लेखक के अनुसार न तो उसमें शिक्षा, न मनोरंजन और न ही कोई विषय उद्देश्य होता है इसलिए उन पर व्यंग्य किया है।

यह कहानी व्यंग्यात्मक रचना है। नयी कहानियों के रचनाकारों को बताना चाहिए कि उनकी रचनाओं का समाज में कोई विशेष उद्देश्य नहीं दे रही है।

प्रश्न 4: आप इस निबंध को और क्या नाम देना चाहेंगें?

उत्तर: इस निबंध को ‘नवाबी अकड़’ और ‘नवाबी शौक’ जैसे शीर्षक दिए जा सकते है क्योंकि यहाँ नवाबों की अकड़ (बाएआडंबर) को दर्शाते हुए लेखक ने व्यंग्यात्मक निबंध पेश किया है।

प्रश्न 5: आपने नवाबों की और भी सनकों और शौक के बारे में पढ़ा-सुना होगा। किसी एक के बारे में लिखिए।

उत्तर: एक बार एक नवाब को यह सूचना दी गई कि उसके इलाके में हमला (आक्रमण) किया गया है, सब तहस-नहस हो रहा है। बार-बार उनको यह बताया जा रहा था। परंतु इसके बारे में चिंतित होने और तुरंत इसे रोकने के प्रयत्न करने के बजाए वह अपने नौकरों को आदेश देते है कि पहले उन्हें जुता महनाया जाए।

यह यही दर्शाता है कि नवाबों में अकड़ थी क्योंकि वह राजशौंक से रहते थे परंतु अपनी प्रजा का ध्यान रखना भी उनकी जिम्मेदारी होती है।

प्रश्न 6: नवाब साहब ने लेखक को देखकर अंदेखा क्यों कर दिया?

उत्तर: लेखक नवाब साहब की असुविधा और संकोच के कारण का अनुमान करने लगे। उन्होंने सोचा कि नवाब साहब ने बिल्कुल अकेले यात्रा कर सकने के अनुमान में किफायत के विचार से सेकैंड क्लास का टिकट खरीद लिया होगा और अपने सफर का वक्त काटने के लिए खीरे खरीदे होंगे। नवाब साहब का साहसा भाव-परिवर्तन लेखक को अच्छा नहीं लगा और नवाब साहब ने लेखक को देखकर अंदेखा कर दिया।

प्रश्न 7: लेखक इस कहानी से क्या उद्देश्य देना चाहते है।

या

इसे आप कहानी कह सकते है?

या

इसके द्वारा क्या बताया है (विषय वस्तु)?

उत्तर: लखनवी अंदाज पाठ में लेखक यशपाल ने ‘नई कहानी’ के लेचकों पर व्यंग्य किया है और इस कहानी के माध्यम से यह दर्शाया है कि कोई भी कहानी बिना घटना या और पात्रों के भी लिखी जा सकगती है। लेकिन ऐसी कहानियों का प्रभाव क्षणिक और प्रभावहीन होता है। लेखक ने व्यंग्य किया है कि नई कहानियों के लेखक ऐसी ही कहानियाँ लिख रहे हैं जिनका साहित्य के क्षेत्र में कोई विशिष्ट स्थान नहीं है।

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