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अलंकार ………..प्रश्न -उत्तर

By | 2017-10-11T08:42:39+00:00 July 16th, 2011|Alankaar|

अलंकारों से सम्बंधित प्रश्न -उत्तर - दी गयी काव्य पंक्तियों में से अलंकार का सही विकल्प चुनिए- १  प्रात: नभ था बहुत नीला शंख जैसे - १ उपमा  २ उत्प्रेक्षा   ३ रूपक ४ अनुप्रास  {२ } २  तेरी बरछी ने बर छीने हैं खलन के |    {२ } १ श्लेष   २ यमक ३ उपमा  ४ [...]

उत्प्रेक्षा-अलंकार

By | 2017-10-11T08:29:23+00:00 March 8th, 2011|Alankaar|

उत्प्रेक्षा अलंकार के उदाहरण.... १ नील परिधान बीच सुकुमारि , खुल रहा मृदुल अध् खुला अंग खिला हो ज्यों बिजली का फूल मेघ बन बीच गुलाबी रंग | २ ले चला साथ मैं तुझे कनक , ज्यों भिक्षुक लेकर स्वर्ण झनक | ३ कांपा कोमलता पर सस्वर , ज्यों मालकोश नव वीणा पर [...]

उपमा अलंकार

By | 2017-10-11T12:58:23+00:00 March 8th, 2011|Alankaar|

उपमा अलंकार के उदाहरण ....... १ नदियाँ जिसकी यश धारा सी , बहती हैं अब भी निशि -वासर | उपमान यश ;उपमेय नदियाँ ,वाचक पद -सी सा .ध बहती | २ सिंधु सा विस्तृत और अथाह एक निर्वासित का उत्साह | ३ यह देखिए अरविन्द से शिशु वृन्द ,कैसे सो रहे | ४ [...]

शलेश अलंकार

By | 2017-09-25T11:56:47+00:00 March 8th, 2011|Alankaar|

श्लेष अलंकार के उदाहरण ... १ मंगत को देख पट देत बार -बार | पट -वस्त्र ,दरवाजा | २ जो रहीम गति दीप की ,कुल कपूत गति सोय | बारे उजियारो करे ,बढे अंधेरो होय | बारे -जलाना बचपन बढे -बुझाना ,बड़ा होना | ३ चरण धरत चिंता करत चितवत चारों ओर | [...]

यमक अलंकार

By | 2017-09-25T11:57:06+00:00 March 8th, 2011|Alankaar|

यमक अलंकार के उदाहरण .... १ कहै कवि बैनी -बैनी व्याल की चुराई लीन्ही | १ बैनी -कवि ,२ -बैनी -चोटी २ कनक -कनक ते सौ गुनी मादकता अधिकाय यह पाए बौराय नर ,वह खाए बौराय १ कनक -सोना २ धतूरा| ३ रती -रती शोभा सब रती के शरीर की | रती -१ [...]

रूपक अलंकार

By | 2017-09-25T11:57:29+00:00 March 8th, 2011|Alankaar|

रूपक अलंकार के उदाहरण ... १ वन शारदी चंद्रिका-चादर ओढे | उपमेय -चंद्रिका ,उपमान -चादर २ गोपी पद- पंकज पावन की रज जामें सिर भीजे | ३ आए महंत -वसंत | ४ जय जग -मंदिर ,दीपक सुन्दर ,श्री ब्रज दुलह देव सहाई | ५ राम नाम मणि -दीप धरि जीह -देहरी द्वार [...]

पुनरुक्ति अलंकार

By | 2017-09-25T11:57:40+00:00 March 8th, 2011|Alankaar|

१ मधुर -मधुर मेरे दीपक जल | २ फेरि फेरि बर्षा की ऋतू आई फेरि | ३ जोड़ कर कण-कण कृपण आकाश ने तारे सजाए | ४ राम -राम कही बारम्बारा , चक्र सुदर्शन है रखवारा | ५ पुनि -पुनि कहत कौन है माता को है तेरो तात |

अतिशयोक्ति अलंकार

By | 2017-09-28T05:57:18+00:00 March 8th, 2011|Alankaar|

१ देख लो साकेत नगरी है यही स्वर्ग से मिलने गगन में जा रही २ हनुमान की पूंछ में लग न पाई आग लंका सारी जल गई गए निशाचर भाग ३ देखो नदिया पड़ी अपार घोड़ा कैसे उतरे पार राना ने सोचा इस पार तब तक चेतक था उस पार [...]

अनुप्रास अलंकार

By | 2017-09-25T11:57:55+00:00 March 8th, 2011|Alankaar|

अनुप्रास अलंकार के उदाहरण ... १ कल कानन कुंडल मोर पखा उर पे वन माल विराजत है | २ मुदित महीपति मंदिर आए | ३ कूके  लगी कोईलें कदम्बन  पे बैठ फेरि | ४ कट किंकनी की धुनि की मधुराई | ५ बरसत बारिध बूंद गही ,चाहत चढन अकाश |

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