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भारतीय संस्कृति विदेशियों को प्रभावित कर रही है-पक्ष

By | 2017-09-25T12:56:16+00:00 March 10th, 2011|HIndi Debates|

जिस देश में बहती मधु की धारा , जहाँ होता पितरो का आदर , जिस देश में वीर-जवान , अपनी धरती को प्यार, वह देश है हिंदुस्तान , वह देश है हिंदुस्तान, सभी प्राणी अपनी जनम भूमि को जान से ज्यदा प्यार करते हैं । तभी तो उसे स्वदेश की हर वास्तु में सौन्दर्य नज़र [...]

सदन की राय में महिलाओं का नौकरी करना परिवार के लिए उपयुक्त है.-पक्ष

By | 2017-09-25T12:56:24+00:00 March 10th, 2011|HIndi Debates|

पक्ष केहि विधि रचो नारी जग माहि पराधीन सपनेहु सुख नही सदियों से नारी ने दस्ताकी जिंदगी जी है । बचपन में पिता के अधीन रहना पड़ा ,तो युवा -अवस्था में पति के अधीन व् वृदा-अवस्था में पुत्र के अधीन। यह दासता उसे आर्थिक रूप से निर्भर न होने के कारन भोगनी पड़ी । इतनी [...]

सदन की राय में महिलाओ का नौकरी करना परिवार के लिया उपुक्त हैं

By | 2017-09-25T12:56:33+00:00 March 10th, 2011|HIndi Debates|

विपक्ष नारी तुम केवल श्रदा हो, विश्वास रजत नभ पग तल में पियूष स्तोत्र सी बहा करो, जीवन के सुंदर तल में भारत की नारी का नाम सुनते ही हमारे सामने प्रेम, करुना, दया ,त्याग और सेवा-समपर्ण की मूर्ति अंकित हो जाती है । नारी के व्यक्तित्व में कोमलता और सुन्दरता का संगम होता है [...]

सदन की राय में महिलाओं का नौकरी करना परिवार के लिए उपयुक्त है.-पक्ष

By | 2017-09-25T12:56:44+00:00 March 8th, 2011|HIndi Debates|

पक्ष केहि विधि रचो नारी जग माहि पराधीन सपनेहु सुख नही सदियों से नारी ने दस्ताकी जिंदगी जी है । बचपन में पिता के अधीन रहना पड़ा ,तो युवा -अवस्था में पति के अधीन व् वृदा-अवस्था में पुत्र के अधीन। यह दासता उसे आर्थिक रूप से निर्भर न होने के कारन भोगनी पड़ी । इतनी [...]

सदन की राय में महिलाओ का नौकरी करना परिवार के लिया उपुक्त हैं-विपक्ष

By | 2017-09-25T12:56:55+00:00 March 8th, 2011|HIndi Debates|

विपक्ष नारी तुम केवल श्रदा हो, विश्वास रजत नभ पग तल में पियूष स्तोत्र सी बहा करो, जीवन के सुंदर तल में भारत की नारी का नाम सुनते ही हमारे सामने प्रेम, करुना, दया ,त्याग और सेवा-समपर्ण की मूर्ति अंकित हो जाती है । नारी के व्यक्तित्व में कोमलता और सुन्दरता का संगम होता है [...]

दोस्त -पक्ष

By | 2017-09-25T12:56:58+00:00 July 9th, 2009|HIndi Debates|

आपने आज का अखबार पढ़ा कल् के मुख्या समाचार पढे . क्या सन-सनी देखा. गुडगाँव ए क एक स्कूल में क्या हुआ? क्यो हो गए चुप? क्यों उतर आई निराशा आपकी आंखों में? कारन / सपष्ट है. ये सुब घटनाये उन दोस्तों की दस्ता बयां करती है जो हमारा आज वाद-विवाद प्रतियोगिता का विषय है. [...]

दोस्त -दोस्त न रहा – विपक्ष

By | 2017-09-25T12:57:06+00:00 July 9th, 2009|HIndi Debates|

विपक्ष " यह दिन न कभी हम भूल पायेंगे तुम्हारी दोस्ती के बिना हम जी नही पायेंगे याद आएँगी सिर्फ़ तुम्हरी ही बातें यही शब्द होठो पर लेकर जायेंगे” यह हम सभी जानते हैं की हमारे जीवन में दोस्त की कितनी अहम् भूमिका होती है। दोस्ती एक एहसास है जिसे हम महसूस करते हैं। हमें [...]

पुरस्कृत-पक्ष

By | 2017-09-25T12:57:17+00:00 July 2nd, 2009|HIndi Debates|

पक्ष में आप सभी से पूछना चाहती हु की २१ वि शताब्दी में भारत की नारी को अबला समझना कहाँ तक उचित है। आज की नारी शक्ति और क्षमता किसी से छुपी नही है। आगे ने कहा है - दो-दो मात्राए लेकर है नर से भारी नारी नारी दो-दो मात्राए कारन करने मात्र से ही [...]

पुरस्कृत-विपक्ष

By | 2017-09-25T12:57:34+00:00 June 25th, 2009|HIndi Debates|

विपक्ष आंखों में जलन, सींने में तूफान सा क्यों है ? इस शहर में हर शख्स परेशान सा क्यों है ? आप सभी से में ये पूछना चाहती हु की वह बच्चा क्यों रो रहा है? वह बुदा व्यक्ति चुप क्यों है ? वह किशोर क्यों क्रोधित हो रहा है? वह व्यक्ति चिडा क्यों रहा [...]

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बच्चे उद्दंड हो रहे हैं |-पक्ष और विपक्ष

By | 2017-09-25T12:57:39+00:00 May 29th, 2009|HIndi Debates|

पक्ष वह बच्चा कक्षा में सिगरेट क्यों पी रहा है? अरे कक्षा में इतना शोर क्यों हो रहा है ? अध्यापक परेशान क्यों है? विद्यालय में पुलिस क्यों आई है? मैं बताती हूँ ..... ये इक्कीसवीं सदी के विद्यार्थी हैं इन्हे सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षकों के दंड से बचाकर स्वतंत्र और शक्तिशाली बनाया है महोदय [...]

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