[ultimatemember form_id=12643]
/Content

रावण …एक दृष्टि में

By | 2017-09-25T12:26:27+00:00 December 18th, 2011|Hindi Blog & Stories|

ब्रह्मा के पुत्र पुलस्त्य जी थे |वे मेरु पर्वत पर तप करने गए |वहाँ त्रणविन्दु के आश्रम में वे रहने लगे | वहाँ देव कन्याएँ ऋषि कन्याएँ जल क्रीडा किया करती थी | पुलस्त्य जी ने उन्हें चेतावनी देते हुए कहा कि जो कन्या उनके सामने आएगी वह गर्भवती हो जाएगी | त्रणविन्दु की कन्या [...]

द्रोणाचार्य

By | 2017-09-25T12:26:55+00:00 November 15th, 2011|Hindi Blog & Stories|

द्रोणाचार्य टेस्ट ट्यूब बेबी थे |उस युग में टेस्ट ट्यूब का काम घड़ा करता था |यग्य कलश से जन्म होने के कारण उनका नाम द्रोण पड़ गया |घृताची नामक अप्सरा में ऋषि भरद्वाज की आसक्ति के वे सुपरिणाम थे | भरद्वाज के पुत्र होकर भी उन्होंने ब्राह्मण धर्म न अपना कर क्षत्रिय धर्म अपनाया | [...]

दादा -दादी के किस्से

By | 2017-09-25T12:27:16+00:00 July 27th, 2011|Hindi Blog & Stories|

दादा -दादी के किस्से दादा -दादी के किस्से कितने रोचक और मन भावन होते थे कि आज भी उन्हें याद करके रोमांचित हो उठते हैं | सुनहरी ,रुपहली परियों की रहस्य से भारी कहानियाँ तो कभी राजा -रानी के शौर्य -धैर्य से भरी कहानियाँ ,कभी तोता -मैना की काल्पनिक कहानियाँ बच्चों को एक अलग ही [...]

सखा

By | 2017-09-25T12:27:56+00:00 July 26th, 2011|Hindi Blog & Stories|

सखा ---------------- हे ! सखा , जीव कितना अकेला , कितना असहाय ,कितना असमर्थ होता है ......इस संसार में ,आज ये ज्ञान भी मुझे हों गया | अन्यथा क्या ये पांचाल देश की राज कुमारी ,हस्तिनापुर की महाराज्ञी , पांच पतियों की प्रिया ........इस नीरव ........हिम आच्छादित हिमालय की चोटियों के बीच जीवन की अन्तिम [...]

कृष्ण और उनकी पत्नियाँ

By | 2017-09-25T12:28:11+00:00 July 22nd, 2011|Hindi Blog & Stories|

कृष्ण और उनकी पत्नियाँ _ कृष्ण की प्रथम पत्नी थी रुक्मिणी |उनका अपहरण करके विवाह किया था |यह अपहरण रुक्मिणी के कहने पर ही हुआ था | रुक्मिणी ;राजा भीष्मक और शुध्दम्बी की कन्या थी | कृष्ण की दूसरी पत्नी ;निशाधराज जाम्बवान की पुत्री जाम्बवती थी | कृष्ण की तीसरी पत्नी सत्राजित की पुत्री सत्यभामा [...]

पहला मेकअप

By | 2017-09-25T12:28:49+00:00 July 16th, 2011|Hindi Blog & Stories|

पहला मेकअप गरमियों की छुट्टियाँ थी |मेरी ननद सपरिवार आयीं हुई थी |एक दिन पुरानी यादें ताजा करने के लिए शादी की एलबम निकाल ली |सभी तारीफ करने लगे -कितनी अच्छी लग रही हो तुम इसमें {सब मेकअप का कमाल था |}किसने मेकअप किया था !{उस समय पार्लर में तैयार होने का रिवाज नहीं था [...]

कबीर का ईश्वर

By | 2017-09-25T12:29:00+00:00 July 16th, 2011|Hindi Blog & Stories|

कबीर निर्गुण ब्रह्म को मानने वाले ज्ञान मार्गी शाखा के भक्त कवि थे | वे राम को अपना आराध्य मानते थे | उनके राम दशरथ पुत्र राम नही थे | उन्होंने कहा --- "दशरथ सुत तिहुँ लोक बखाना , राम नाम का मरम न जाना |" उनके राम अनादि ,अनन्त ,सर्व कालिक ,सर्वत्र व्याप्त रहने [...]

कबीर {जीवन परिचय }

By | 2017-09-25T12:29:16+00:00 July 16th, 2011|Hindi Blog & Stories|

कबीर का जन्म वाराणसी  {उत्तर प्रदेश } के पास लहरतारा नामक स्थान मेंसन १३९८ में हुआ था | कहा जाता है वे एक विधवा ब्राह्मणी के पुत्र थे | लोक लाज के भय से उसने इन्हें एक तालाब के किनारे फेंक दिया था | नीरू और नीमा नामक जुलाहे दम्पत्ति ने इनका पालन -पोषण किया [...]

कबीर की गुरु और साधु के बारे में विचार

By | 2017-09-25T12:29:28+00:00 July 16th, 2011|Hindi Blog & Stories|

कबीर ने गुरु को विशेष महत्व दिया है उन्होंने कहा है------ "गुरु -गोविन्द दोऊ खड़े काके लागूं पायं  , बलिहारी गुरु आपकी गोविन्द दियो बताय || गुरु ही गोविन्द को जानने और प्राप्त करने का रास्ता बताता है | गुरु ही सत्य का ,ज्ञान का सदमार्ग दिखाता है अत: उसका स्थान गोविन्द से भी ऊँचा [...]

कबीर –एक समाज सुधारक

By | 2017-09-25T12:29:35+00:00 July 16th, 2011|Hindi Blog & Stories|

एक ऐसे संत ,भक्त, समाज सुधारक , फकीर थे कि आज तक न ऐसा कोई हुआ न शायद होगा | भक्त की बात कीजिए तो ऐसा कोई भक्त नही हुआ जो कह सके "मैं तो मुतिया राम का जित खेचो उत् जाऊ " इतनी बफादारी ,इतना समर्पण ,इतना विश्वास कि "जित खेचो उत् जाऊ " [...]

Pin It on Pinterest