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अलंकार ………..प्रश्न -उत्तर

///अलंकार ………..प्रश्न -उत्तर

अलंकार ………..प्रश्न -उत्तर

अलंकारों से सम्बंधित प्रश्न -उत्तर –
दी गयी काव्य पंक्तियों में से अलंकार का सही विकल्प चुनिए-

१  प्रात: नभ था बहुत नीला शंख जैसे –
१ उपमा  २ उत्प्रेक्षा   ३ रूपक ४ अनुप्रास  {२ }

२  तेरी बरछी ने बर छीने हैं खलन के |    {२ }
१ श्लेष   २ यमक ३ उपमा  ४ उत्प्रेक्षा

३  मखमल के झूल पड़े हाथी सा टीला |
१  उपमा  २ रूपक  ३ श्लेष  ४ अतिशयोक्ति   {१ }

४ मिटा मोदु मन भए मलीने ,विधि निधि दीन्ह लेत जनु छीने |
१ उपमा  २ उत्प्रेक्षा  ३ अनुप्रास  ४ यमक    {२}

५  राम नाम कलि काम तरु ,राम भगति सुर धेनु |
१  श्लेष  २ रूपक  ३ मानवीकरण ४ यमक       { २ }

निम्न पंक्तियों में कौन सा उदाहरण रूपक अलंकार नहीं है-
१ वह दीप शिखा सी शांत भाव में लींन |
२ आवत -जात कुंज की गलियन रूप -सुधा नित पीजे |
३ पायो जी मैने राम रतन धन पायो |
४ प्रीत नदी में पौऊँ न बौरयो |
उत्तर -{१ }

निम्न में कौन सा उदाहरण यमक अलंकार नहीं है-
१ तू मोहन के उरवसी ह्वे उरवसी समान |
२ काली घटा का घमंड घटा |
३  अम्बर पनघट में डुबो रही तारा घट उषा नागरी |
४ वह बांसुरी की धुनि कानी परी ,कुल कानी हियो तजि भाजति है |

उत्तर -{३ }

निम्न में कौन सा उत्प्रेक्षा अलंकार है –
१ मेघ आए बड़े बन ठन के |
२ सिर फट गया उसका मानो अरुण रंग का घड़ा हो |
वन शारदी चंद्रिका चादर ओढे |
४ नभ पर चमचम चपला चमकी |

उत्तर -{२ }

निम्न में कौन सा उदाहरण उपमा अलंकार का है –
१ कंज कली नायिका लतान सिर सारी दे |
२ सुमन झिंगुला सोहे तन छवि भारी दे |
३ जय जग मंदिर दीपक सुन्दर ,श्री ब्रज दूलह देव सहाई |
४ तब तो बहता समय शिला सा जम जायेगा |
उत्तर -{४ }

निम्न में कौन सा अनुप्रास अलंकार नहीं है –

१ मुख्य गायक के चटटान जैसे भारी स्वर |
२ मधुर -मधुर मुसकान मनोहर ,मनुज वेश का उजियारा |
३ घेर -घेर घोर गगन धारा धर ओ |
४ बालक बोधि बधों नहीँ तोही |

उत्तर -{१ }

प्रश्न —स्वयं उत्तर दें —-
१ भानु वंश राकेश कलंकू |
२ सहसबाहु सम सो रिपु मोरा |
३ तारा सी तरनि तामें ठाढ़ी झिलमिली होत |
४ किस ज्योति पे निशंक ह्रदय -पतंग लालायित हुए |
५ सुनत जोग लागत है ऐसो ज्यों करुई ककड़ी |
६ हे प्रभु हमें दो जीवन दान |
७ कलिका सी किलकि कलेऊ देत काल कों |
८ अवगति गति कछु कहत न आवे |
९ विज्ञान यान पर चढ़ी हुई सभ्यता डूबने जाती है |
१० तरु पल्लव चन्द्र कला से धुले |

समाप्त

आश्रित उपवाक्य —–
किसी वाक्य में प्रधान उपवाक्य के अतिरिक्त एक या एक से अधिक आश्रित उपवाक्य होते हैं |ये तीन प्रकार के होते हैं —
१ संज्ञा उपवाक्य —-

जिस आश्रित उपवाक्य का प्रयोग  प्रधान उपवाक्य की क्रिया के कर्म या पूरक के रूप में  प्रयुक्त होता है वह संज्ञा उप वाक्य होता है |ये अक्सर कि से प्रारम्भ होते हैं|
उद्धरण चिह्न  “—–” में कहे गए वाक्य भी संज्ञा उप वाक्य होते हैं |

उदाहरण —-
१ मोहन नए कहा कि वह कल कानपुर जा रहा है |
२ कौन  कह सकता है कि मैंने परिश्रम नहीं किया |
३ उसका विचार है -“राम सच्चा है ”

इन वाक्यों में कि वह कल कानपुर जा रहा है ,कि मैंने परिश्रम नहीं किया ,राम सच्चा है ये संज्ञा उप वाक्य हैं क्योंकि ये प्रधान उप वाक्य की क्रिया के कर्म के रूप में प्रयुक्त
हुए हैं |

२ विशेषण उप वाक्य —

जो आश्रित उप वाक्य प्रधान की संज्ञा या सर्व नाम की विशेषता बताता है उसे विशेषण उप वाक्य कहते हैं |ये प्राय: जिसके ,जिससे ,जिसने ,जिन ,जिसे आदि से प्रारम्भ होते हैं
होते हैं |

उदाहरण —–
१ जो परिश्रमी होते हैं वे उन्नति करते हैं |
२ जिसने प्रथम स्थान प्राप्त किया वह मेरा मित्र है |
३ जिस कवि ने कामायनी लिखी ;वह जय शंकर प्रसाद हैं |

३ क्रिया विशेषण उप वाक्य —-

जो आश्रित उप वाक्य प्रधान उप वाक्य की क्रिया की विशेषता बताते हैं,वे क्रिया विशेषण उप वाक्य कहलाते हैं |ये स्थान ,काल ,परिणाम ,प्रकार ,शर्त ,तुलना आदि क्रिया विशेषणों
से प्रधान उप वाक्य से जुड़े रहते हैं |
उदाहरण —
१ जहां बसे वही सुन्दर देश |—–स्थान

२ यदि परिश्रम करोगे तो अवश्य सफल होओगे |—शर्त
३ राधा उतनी ही शैतान है जितनी रीता |—तुलना

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By | 2017-10-11T08:42:39+00:00 July 16th, 2011|Alankaar|12 Comments

About the Author:

Kalpana Dubey is a Passionate teacher of Hindi Literature for the last 20 years. She is dedicated to sharing the richness of hindi language and Indian culture to ignite young minds with potent knowledge and perspectives. She has written 3 books on Hindi Grammar used in the CBSE curriculum, and published 2 collections of short stories Kushboo; and Jarokha. Those who know her would agree that, to listen to her, is to experience a spell.

12 Comments

  1. deepanshu goel(x a) February 4, 2012 at 11:47 am - Reply

    mam bahut aacha hai!!!!!!!!!!!book se jyada aachi tarha explain kiya hai

  2. khan February 25, 2012 at 11:47 am - Reply

    enter your message here…

  3. avinash March 10, 2012 at 11:48 am - Reply

    is there more video

  4. karunanidhi April 5, 2012 at 11:48 am - Reply

    sadar charan sparsh Guru bin bahva nidhi tare na koi jo viranchi sankar sam hoi

  5. Administrator June 18, 2012 at 11:46 am - Reply

    धन्यवाद ,करुणानिधि …आपने ठीक फरमाया

  6. Administrator June 29, 2012 at 1:49 am - Reply

    निशांत आप क्या पूछना चाहते हैं….अलंकार में?

  7. nishant singh June 29, 2012 at 11:48 am - Reply

    ky aap muje alankar smjha skte hai

  8. heena August 7, 2012 at 11:49 am - Reply

    ienme kaoun sa alankar hai: 1:”Dekh lo saket nagari hai yahi swaarg se milne gagan me ja rahi” 2: aage nadiya padi aapar, ghoda kaise utere paar Rana ne socha es paar,tab tak chetak tha us paar 3: Aavat-jaat kunj ki galiyan rup sudha nit paaje 4: Eis bhajanu sarthi sujana

  9. ajay vilas deshmane November 25, 2012 at 11:50 am - Reply

    very good

  10. kuldeep kharardi January 13, 2017 at 1:58 pm - Reply

    hii m, post man exame h jisme alnkar topic h kya aap kuch help krskte ho

  11. Chetna January 15, 2017 at 4:47 pm - Reply

    Good

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