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Monthly Archives: May 2011

प्रमुख लोगों की दुर्बलताएँ

By | May 22nd, 2011|Hindi Blog & Stories|

प्रमुख-लोगों-की-दुर्बलताएँ युधिष्ठिर.....क्षत्रिय कुल में जन्म लेकर भी युद्ध के प्रति घोर वितृष्णा मेरे चरित्र की दुर्वलता है | अर्जुन .......माँ के वचन रख कर मैंने द्रोपदी के साथ ;विवाह किया ;इस बात पर मन में क्षोभ होता है |मन करता है वह सिर्फ मेरी होती |यह सोचना मेरे चरित्र की दुर्वलता है | भीम .......भोजन [...]

अज्ञात वास में पांडवों के नाम

By | May 22nd, 2011|Hindi Blog & Stories|

अज्ञात वास के समय पांडवों के नाम ---- १ युधिष्ठिर----कंक ब्राह्मण -----सांकेतिक नाम --जय | २ भीम -----बल्लभ -----सांकेतिक नाम ---जयेश | ३ अर्जुन ----वृहन्गला ---सांकेतिक नाम ----जयेन्द्र | ४ नकुल ----ग्रंथिका ----सांकेतिक नाम ----जयत्सेन | ५ सहदेव ----तन्तिपाल ----सांकेतिक नाम ---जयद्बल | ६ द्रोपदी ---सैरन्ध्री  ----सांकेतिक नाम ----मालिनी  |

क्या आप जानते हैं

By | May 21st, 2011|Hindi Blog & Stories|

-----भक्त चार प्रकार के होते हैं -------- १ आर्त  जो कष्टों से पीड़ित होने के कारण भगवान की शरण में आते हैं | २ जिज्ञासु - जो जिज्ञासा के कारण भगवान की शरण में आते हैं | ३ अर्थार्थी -- जो अर्थ {धन } की इच्छा से भक्ति करते हैं | ४ ज्ञानी -- परमात्मा [...]

ध्यान को समझो

By | May 21st, 2011|Hindi Blog & Stories|

भटकन हमारा सबसे बड़ा शत्रु है |इससे बचने का एक मात्र उपाय है ध्यान | ध्यान में तीव्र आभा है ,ध्यान में प्राणों की गति आकंठ डूबीं रहती है | ध्यान मौन है |ध्यान करने से अंतश्चेतना के बाकी सभी अंग मौन हो जाते है | ध्यान के सामने समर्पण निश्चित चेष्टा है | समर्पण [...]

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