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आख़िर

By | 2017-09-25T12:40:32+00:00 February 19th, 2009|Hindi Blog & Stories|

"पापा मुझे दो हजार रुपए चाहिए "मनोज ने अपने पिता ग्रह मंत्री श्री नारायण सिंह से कहा | "लो बेटा "पिता ने जेब मैं हाथ डाला और बिना गिने ही नोटों की गड्डी उसे थमा दी |पिता को अनेक चुम्बनों का उपहार देकर ,मनोज खुशी से उछलता हुआ वहां से चला गया | मीरा देवी [...]

प्रेरणा

By | 2017-09-25T12:40:40+00:00 February 18th, 2009|Hindi Blog & Stories|

शाम को थकी हारी मैं बालकनी में कपडे उठाने आई तो ठिठक कर रह गयी .सामने ही नई इमारत बन रही थी .कईदिनों से काम चल रहा था लेकिन मैं गर्मी की उमस एवंम आलस्य से बाहर ही नहीं निकली .आज अचानक एक नव योवना मजदूरिन के तेल से चमकते हुए काले बालों के बीच [...]

यादें

By | 2017-09-25T12:40:48+00:00 February 17th, 2009|Hindi Blog & Stories|

स्मृतियों की गुफाओं मेंछुपी यादें ही तो जीवन का सहारा हैं .कभी निराशा में आकर ये सहारा दे जाती हैं .जीवन का मतलब सिखा जाती हैं .आगे बढ़ने की प्रेरणा दे जाती हैं .कभी बातोंका सिलसिला बन जाती हैं ,जो कभी रुलाती हैं तो कभी हंसाती हैं .रोने से दिल हल्का हो जाता है जैसे [...]

कल्पना की उड़ान

By | 2017-09-25T12:40:56+00:00 February 14th, 2009|Hindi Blog & Stories|

सबला जीवन : रैड लाइट देख कर तेजी से चल रही कार के यकायक ब्रेक लग गए और कुछ रुकने का समय मिला .इधर --उधर नजर दौडाई तो हैरान रह गयी .जब अपनी ही बगल में एक रिक्शागादी को रुकते देखा .एक तीस पी तीस वर्ष की अवस्था की औरत उत्तर प्रदेशीय ढंग से पहनी [...]

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