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रावण …एक दृष्टि में

///रावण …एक दृष्टि में

रावण …एक दृष्टि में

ब्रह्मा के पुत्र पुलस्त्य जी थे |वे मेरु पर्वत पर तप करने गए |वहाँ त्रणविन्दु के आश्रम में वे रहने लगे | वहाँ देव कन्याएँ ऋषि कन्याएँ जल क्रीडा किया करती थी | पुलस्त्य जी ने उन्हें चेतावनी देते हुए कहा कि जो कन्या उनके सामने आएगी वह

गर्भवती हो जाएगी | त्रणविन्दु की कन्या भूल से उनके सामने आ गई ,वह गर्भवती हो गई | त्रणविन्दु ने उसे पुलस्त्य  ऋषि को सौप दिया | उनके विश्रवा पुत्र हुआ |भारद्वाज की कन्या का विवाह विश्रवा से हुआ | उनका पुत्र

वैश्रवण {कुबेर }हुआ | सुमाली राक्षस की कन्या केकसी ने ऋषि विश्रवा से प्रणय निवेदन किया | ऋषि ने कहा तुम संध्या समय यह निवेदन  लेकर आयी हो ,अत: तुम्हारे पुत्र राक्षस होंगे ,तीसरा पुत्र महात्मा होगा |उसके रावण

कुम्भकरण ,शूर्पनखा हुए तीसरा पुत्र  विभीषण हुआ | रावण का विवाह मय दानव की पुत्री मंदोदरी से हुआ |वैरोचन की धेवती {पुत्री की पुत्री } वज्रज्वला का विवाह  कुम्भकरण से हुआ | गन्धर्व शैलूषहि की पुत्री सरमा का विवाह  विभीषण से

हुआ | कुबेर को उसके पिता विश्रवा ने स्वर्ण जटित लंका उसे दी थी | कुबेर रावण का सौतेला भाई था |केकसी के बच्चे सुमाली {नाना} के साथ रहते थे | रावण ने कुबेर से लंका छीन ली | कुबेर ने कैलाश पर्वत पर अलकापुरी बसाई |

रावण के एक लाख पुत्र और सवा लाख नाती -पोते थे | दुर्गुणों के कारण उस परिवार कोई नहीं बचा | विभीषण ने रावण की अन्तेष्टि की थी | रावण परम शिव भक्त था | महान ज्ञानी पंडित था | उसने स-परिवार मुक्ति पाने के लिए श्री राम से

बैर लिया |परम पद तो शिवरी ,गीध ,अजामिल आदि ने भी प्राप्त किया |उनका भी साध्य वही था जो रावण का था लेकिन साधन {माध्यम } अलग था | साध्य कितना ही उत्तम हो यदि साधन उत्तम नही है तो साध्य प्राप्त की सफलता भी श्रेष्ठ

नहीं होगी |अत : साध्य के साथ साधन को भी महत्व दीजिए |

By | 2017-09-25T12:26:27+00:00 December 18th, 2011|Hindi Blog & Stories|0 Comments

About the Author:

Kalpana Dubey is a Passionate teacher of Hindi Literature for the last 20 years. She is dedicated to sharing the richness of hindi language and Indian culture to ignite young minds with potent knowledge and perspectives. She has written 3 books on Hindi Grammar used in the CBSE curriculum, and published 2 collections of short stories Kushboo; and Jarokha. Those who know her would agree that, to listen to her, is to experience a spell.

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