विपक्ष
यह दिन कभी हम भूल पायेंगे
तुम्हारी दोस्ती के बिना हम जी नही पायेंगे
याद आएँगी सिर्फ़ तुम्हरी ही बातें
यही शब्द होठो पर लेकर जायेंगे
यह हम सभी जानते हैं की हमारे जीवन में दोस्त की कितनी अहम् भूमिका होती हैदोस्ती एक एहसास है जिसे हम महसूस करते हैंहमें इन बातो को साबित करने के लिए किसी और उदाहरण की आवशकता नही हैयदि हम स्वयम के जीवन में झांक कर देखे तो पायेंगे की हम दोस्त के बिना कितना अधूरापन महसूस करते हैंदोस्ती बहुत कीमती होती हैइससे ग़लत फेह्मियो की वजह से नही खोना चाहिए क्योकि सच्चा दोस्त पाना बड़ा मुश्किल होता है आज ऐसे भी दोस्त हैं जो स्वार्थपूर्ति के लिए दोस्ती करते हैंवह दोस्त शब्द की मार्मिकता को और उसके महत्त्व को नही समझते हैंसच्चा दोस्त तो हर विपति में साथ देता हैंकहा भी गया हैविपति कसोटी जो कसे ते ही सांचे मीतदोस्तों को किसी के कहने में आकर मत दूर करो , क्योकि कुछ लोग तो अच्छा मित्र मिल जाने से भी जलते हैंइधर की उधर लगाते हैंऔर गलत्फेह्मीय पैदा करते हैंसच्चा दोस्त तो कड़वी दवाई की तरह होता हैंजिसकी कड़वी बात में भी मिठास होती हैजिस परकार छत्तीस व्यंजन बनाना पर भी यदि उसमे नमक हो तो वह फीका लगता हैंउसी परकार एक दोस्त के बिना जीवन नीरस लगता हैजो बातें हम अपने मातापिता , भाईबहिन से नही कह सकते उसका राजदार तो मित्र ही हो सकता हैसच्ची दोस्ती संसार में सबसे बड़ी दौलत होती हैसच्चा मित्र वाही जो अपने मित्र की बात गुप्त रखेजो अपने दोस्त को धोखा देता है क्या वह सच्चा दोस्त हो सकता हैकिसी एक की गलती की सजा हम सबको नही दे सकते है

कृष्णसुदामा की दोस्ती की मिसाल आज भी दी जाती हैं. दोस्ती में मानसम्मान , आमिरगरीब , जातीपाती का भेदभाव नही होता दोस्ती में चल, दुख वर्जित हैयाद रखिये की थोडी सी खट्टास पड़ते ही जिस तरह दूध फट जाता हैं उसी तरह थोड़ा सा जूठ भी हमारी मित्रता को तोड़ सकता हैं

मित्रता को तोड़ना बहुत आसन है और बनाये रखना उतना ही कठिनइसलिए मित्रो मित्रता को निभाना सिखों और जिंदगी में इसका लुत्फ़ उठाओअंत में यही कहना चाहूंगी
मुझे चाँद सितारों से क्या लेना
मुझे इस दुनिया की बहारो से क्या लेना
दोस्ती सलामत हो तुम्हरीहमारी
मुझे जन्नत के नजरो से क्या लेना

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