कलम ——
कलम देश की बड़ी शक्ति है भाव जगाने ,

दिल की नहीं दिमागों में भी आग लगाने वाली |

पैदा करती कलम विचारों के जलते अंगारे ,

और प्रज्वलित प्राण देश क्या कभी मरेगा मारे |

लक्ष्य गर्म रखने को मन में ज्वलित विचार ,

हिंस्र जीव से बचने को चाहिए किन्तु तलवार |

एक भेद है और जहाँ निर्भय होते नर -नारी ,

कलम उगलती आग ,जहाँ अक्षर बनते चिंगारी |

जहाँ मनुष्यों के भीतर हरदम जलते हैं शोले ,

बादलों में बिजली होती ,होते दिमाग में गोले |

जहाँ लोग पलते लहू में हलाहल की धार ,

क्या चिंता यदि वहाँ हाथ में नहीं हुई तलवार ||