कर्ण के घोड़े का नाम …. वायुजित था और रथ का नाम जैत्र रथ था

अर्जुन का रथ नंदी घोष था .जिसे कृष्ण ने चलाया था
कृष्ण के रथ का नाम था …गरुनाध्वज.
भीष्म के रथ का नाम था …गंगोध .

कर्ण का परिवार …..
पिता ……सूर्य ….माता ..कुन्ती ….जन्म दाता
अधिरथ …पिता …माता …राधा …पालित
पत्नी ….वृषाली और सुप्रिया
भाई….श्रौन
अनुज वधु ….मेघमाला
पुत्र ….सुदामन….अर्जुन ने इसका वध किया
यह वृषाली पुत्र था
अन्य पुत्र थे …..वृषसेन ..,सुषेन …वृष केतु
सुप्रिया के पुत्र थे …..चित्रसेन …सुशर्मा …भानुसेन…प्रसेन

साला ….वृषाली का भाई …सत्य सेन …जो कर्ण का सारथी था उसकी पत्नी का नाम ..पुष्पावती था
अधिरथ …ययाति के पुत्र सतकर्मा के पुत्र थे
ययाति …कुरु वंश के राजा थे जो ध्रतराष्ट्र के दासी पुत्र थे .युद्ध के समय ये पांडव पक्ष की ओर चले गए थे
श्रौन और मेघमाला की पुत्री ..मीनाक्षी थी
श्रौन का वध अर्जुन ने वृह्न्गाला के रूप में किया था